About Us

 

राष्ट्रीय एकता फाउंडेशन (शाखा)
प्रखर एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर सोसायटी
राष्ट्रीय एकता फाउंडेशन एक सामाजिक एवं जनहितकारी संगठन है, जो प्रखर एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर सोसायटी की एक शाखा के रूप में कार्यरत है।
प्रखर एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर सोसायटी का पंजीकरण वर्ष 2007 में हुआ। संस्था का प्रारंभिक नाम नागदा लक्ष्य एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर सोसायटी था, जिसे बाद में संशोधित कर प्रखर एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर सोसायटी कर दिया गया।


हमारी शुरुआत
संस्था ने अपने प्रारंभिक वर्षों में समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के उत्थान के लिए अनेक सामाजिक एवं शैक्षणिक गतिविधियाँ संचालित कीं।
इनमें प्रमुख रूप से—
निःशुल्क कोचिंग कक्षाओं का संचालन
प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम
महिलाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण
सिलाई, कढ़ाई एवं स्वरोजगार प्रशिक्षण
कम्प्यूटर एवं तकनीकी प्रशिक्षण
इलेक्ट्रिशियन प्रशिक्षण
योग शिविर
बच्चों हेतु मार्शल आर्ट एवं सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण
पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण अभियान
विभिन्न सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम
जैसी अनेक गतिविधियाँ शामिल रहीं।
राष्ट्रीय एकता फाउंडेशन की स्थापना
वर्ष 2017-18 में समाज की बढ़ती समस्याओं एवं आम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु राष्ट्रीय एकता फाउंडेशन का गठन किया गया।
संगठन का प्रथम एवं सबसे बड़ा उद्देश्य था—
आत्महत्या की ओर बढ़ रहे लोगों को बचाना तथा उन्हें न्याय दिलाना।


चिट फंड पीड़ितों के लिए संघर्ष
वर्ष 2015-16 में देशभर में दो लाख से अधिक चिट फंड कंपनियों पर कार्रवाई हुई। इन कंपनियों में लाखों निवेशकों के साथ-साथ लाखों शिक्षित बेरोजगार एजेंट भी कार्यरत थे, जिन्होंने सरकारी पंजीकरण, ऑडिट एवं अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं पर विश्वास करते हुए अपना निवेश किया और एजेंट के रूप में कार्य किया।
कंपनियों के अचानक बंद होने के बाद—
लाखों निवेशकों की जमा पूंजी फंस गई।
एजेंटों को हिंसा, धमकियों और झूठे प्रकरणों का सामना करना पड़ा।
अनेक एजेंट मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या करने लगे।
इन परिस्थितियों को देखते हुए राष्ट्रीय एकता फाउंडेशन ने व्यापक जनसहयोग से देशभर में संवैधानिक एवं कानूनी संघर्ष प्रारंभ किया।


संगठन की प्रमुख उपलब्धियाँ
राष्ट्रीय एकता फाउंडेशन द्वारा—
हजारों लोगों को आत्महत्या जैसे कदम से बचाने का प्रयास किया गया।
निवेशकों की राशि वापस दिलाने हेतु विभिन्न स्तरों पर संघर्ष किया गया।
जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, आईजी, डीजीपी, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, केंद्रीय वित्त मंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक ज्ञापन एवं कानूनी कार्यवाही की गई।
एजेंटों के विरुद्ध होने वाली कार्यवाहियों में आवश्यक संशोधन करवाने में सफलता प्राप्त हुई।
अनेक चिट फंड कंपनियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने एवं उनकी संपत्तियाँ जब्त करवाने में सहयोग किया गया।
निवेशकों को धन वापसी दिलाने के उद्देश्य से विभिन्न मामलों में सर्वोच्च न्यायालय तक जनहित याचिकाएँ दायर करवाई गईं।
लंबे संघर्ष के बाद एक प्रमुख कंपनी के मामले में निवेशकों के पक्ष में निर्णय प्राप्त हुआ, जबकि अन्य मामलों में न्यायिक प्रक्रिया जारी है।


कार्य क्षेत्र
संगठन ने विभिन्न राज्यों में जनहित कार्य किए हैं, जिनमें प्रमुख हैं—
मध्यप्रदेश
राजस्थान
गुजरात
हरियाणा
उत्तरप्रदेश
दिल्ली
हिमाचल प्रदेश
महाराष्ट्र
तथा अन्य राज्य


हमारा संकल्प
“शिक्षा, सेवा, न्याय और राष्ट्रीय एकता के माध्यम से एक सशक्त, जागरूक एवं आत्मनिर्भर भारत का निर्माण।”


“हमारा संकल्प” 
हमारी विचारधारा
राष्ट्रीय एकता फाउंडेशन एक गैर-राजनीतिक, गैर-धार्मिक एवं समाजसेवी संगठन है। संगठन का उद्देश्य किसी भी राजनीतिक दल, धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र या वर्ग विशेष का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि संविधान के मूल्यों के अनुरूप समाज सेवा, जनहित एवं राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है।
हमारा संगठन सभी धर्मों, सभी संप्रदायों, सभी जातियों, सभी राजनीतिक विचारधाराओं, सभी वर्गों, सभी लिंगों तथा देश के प्रत्येक क्षेत्र के नागरिकों का समान सम्मान करता है।
जो भी व्यक्ति राष्ट्रहित, समाजहित, सेवा, शिक्षा, न्याय, मानवता और संवैधानिक मूल्यों में विश्वास रखता है, वह राष्ट्रीय एकता फाउंडेशन से जुड़कर अपनी क्षमता एवं योग्यता के अनुसार देश और समाज के विकास में अपना योगदान दे सकता है।
राष्ट्रीय एकता फाउंडेशन का विश्वास है कि “राष्ट्र सर्वोपरि है, और एक सशक्त, समरस एवं विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है जब समाज का प्रत्येक नागरिक बिना किसी भेदभाव के एक साथ मिलकर कार्य करे।”


हमारा मूल मंत्र है—
“न किसी धर्म के विरुद्ध, न किसी राजनीतिक दल के पक्ष में; हमारा उद्देश्य केवल राष्ट्रहित, समाजहित, न्याय, शिक्षा, सेवा और राष्ट्रीय एकता है।”


हमारा वर्तमान उद्देश्य

राष्ट्रीय एकता फाउंडेशन केवल एक संस्था नहीं बल्कि जनहित, न्याय, शिक्षा, सामाजिक समानता और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण का एक जनआंदोलन है।
आज संगठन देश की विभिन्न सामाजिक समस्याओं पर आम नागरिकों के साथ खड़ा होकर संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक माध्यमों से न्याय दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
संस्था के उद्देश्य
प्रखर एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर सोसायटी के कुल 31 पंजीकृत उद्देश्य हैं, जिनके अंतर्गत संस्था कार्य करती है –

1- शिक्षा का प्रचार प्रसार करना । जिस हेतु विद्यालय/ महा विद्यालय की स्थापना करना व उसका प्रबंध संचालन कारण ।

2. महिलाओं को स्वावलंवी बनाने हेतु सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, मेहंदीकला, पाककला, सौंदर्यकला, हस्तशिल्प, बुटिक, संगीतकला, नृत्यकला, व्युटीपार्लर का शिक्षण प्रशिक्षण प्रदान करना तथा आंगनवाड़ी, झुलाघर, बालवाड़ी, प्रौदशिक्षा की स्थापना करना व उसका प्रबंध संचालन करना एवं पोषण आहार के कार्यक्रम आयोजित करना।

3. तकनीकी शिक्षा, कम्प्यूटर शिक्षा, औद्योगिक शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, कृषि शिक्षा का प्रचार प्रसार करना व शिक्षण प्रशिक्षण देना।

4. बाल श्रमिक के सामाजिक कल्याण के सम्प्रवर्तन हेतु कार्य करना व शासन द्वारा चलाई जा रही बाल श्रमिक शिक्षण प्रशिक्षण योजना में शासन का सहयोग करना एवं बाल श्रम के विरूद्ध जनजागृति लाना।

5. मानव संसाधन विकास मंत्रालय, महिला बाल विकास, श्रम मंत्रालय, सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय, वन एवं पर्यावरण कृषि मंत्रालय द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार व क्रियान्वयन करना।

6. पंजीयन उपरांत नियमानुसार भू -अर्जित कर छात्रावास, अनाथ आश्रम, वृद्धा आश्रम, विधवा आश्रम, महिला आश्रम, पुस्ताकालय, वाचनालय, व्यायामशाला आदि की स्थापना करना व उसका प्रबंध संचालन करना।

7. परित्यक्ता विधवा बेसहारा महिलाओं के सामाजिक कल्याण के सम्प्रवर्तन हैतु कार्य करना।

৪. महिलाओं के कल्याण तथा विकास से संबंधित विविध गतिविधियों का संचालन एवं व्यवस्था एवं कामकाजी महिलाओं हेतु होस्टल बोर्डिंग वुमेन होस्टल की स्थापना करना।

9. एड्स के विरुद्ध जनजागृति व परिवार कल्याण कार्येक्रम का प्रचार प्रसार एवं निःशुल्क स्वास्थ्य संबंधित शिविर आयोजित करना।

10. ग्रामिण एवं शहरी क्षेत्रों में स्व -सहायता समूह की स्थापना कर महिलाओं को उसका लाभ पहुँचाना।

11. वायु प्रदुषण, जल प्रदुषण एवं ध्वनि प्रदुषण के निवारण हेतु कार्य करना, एवं जल संरक्षण व संवर्धन हेतु जनजागृति करना। वृक्षारोपण हेतु सुझाव व कार्य करना।

12. सूचना के अधिकार के प्रति लोगों को जागरूक एवं प्रशिक्षित करना।

13. सम्पूर्ण समाज के आर्थिक विकास हेतु रोजगारोन्मुखि कार्यक्रमों, योजनाओं आदि के संचालन के लिए प्रेरक / सहयोगी के रुप में कार्य करना।

14. समग्र ग्राम विकास हतु विभिन्न प्रकार के शिक्षण प्रशिक्षण, शोध अनुसंधान, एवं कार्यशालाएें संचालित करना।

15. सभी धर्मों के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवक युवतियों को निःशुल्क विवाह हेतु परिचय सम्मेलन आयोजित करना व समय समय पर उनके सामूहिक विवाह सम्पन्न कराना ।

16. केन्द्र सरकार / राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न प्रकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार करना व उसका प्रबंध संचालन करना ।

17. जन सामान्य उपभोक्ताओं को उपभोक्ता अधिनियम से अवगत कराना सशुल्क विधिक सलाह देना ।

18. अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े अल्पसंख्यक वर्ग एवं गरीब वर्ग के लोगों में शिक्षा का प्रचार प्रसार करना एवं उन्हे रोजगार उन्मुखी प्रशिक्षण देना व केन्द्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा दी
जाने वाली विभिन्न सुविधाओं का लाभ दिलवानें में सहयोग करना ।

19. केन्द्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही स्कील डेवलपमेंट (कौशल विकास) योजना का प्रचार प्रसार करना व उसका शिक्षण प्रशिक्षण देना ।

20. महिला एवं बाल विकास विभाग के समाज कल्याण हेतु संबंधित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में सहभागिता करना ।

21. आदिवासियों के सामाजिक, शैक्षणिक विकास से संबंधित विभिन्न गतिविधियां एवं कार्यक्रमों का संचालन एवं व्यवस्था करना ।

22. सौर उर्जा, पवन उर्जा एवं प्राकृतिक उर्जा का समाज में प्रचार प्रसार करना तथा शिक्षण प्रशिक्षण
देना ।

23. स्वच्छता विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत सामूहिक सुलभ शौचालयों, मुत्रालयों व जिन क्षेत्रों में
स्वच्छता की व्यवस्था नही है वहां व्यवस्था संचालन में सहयोग देना ।

24. कृषि, पशुपालन, जल संवर्धन संरक्षण तथा विकास से संबंधित शिक्षा देना एवं विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का संचालन एवं गौशाला की स्थापना करना ।

25. सामान्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से संबंधित योजनाओं का प्रचार प्रसार, शिविर तथा
चेरीटेबल स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित करना ।

26. स्थानिय, राष्ट्रिय, अंतर्राष्ट्रीय दानदाताओं / दानदात्री संस्थाओं से अनुदान प्राप्त कर कल्याणकारी विकासशील एवं प्रबंधकीय परियोजना के लिए सुव्यवस्थित संचालन करना एवं प्रशिक्षण देना ।

27. कृषि उद्यानिकी एवं वानिकी, जैविक खेती, औषधियों, पौधो की खेती, लाख निर्माण, रेशम कीट पालन आदि योजनाओं का संचालन व प्रशिक्षण देना ।

28. जैविक खाद, गोबर गैस, वाटर शेड, तालाब गहरीकरण आदि के प्रति कार्य करना एवं लोगों को शासन के साथ जुड़कर उसके प्रति प्रोत्साहिन करना ।

29. समाज के अल्प आयवर्गीय, भूमिहीन, पिछड़ेवर्ग, दलित, आदिवासी, गरीब, अनुसूचित जाति, खेतिहर व मजदूर वर्ग के प्रयास हेतु विभिन्न रचानात्मक कार्यक्रमों व गतिविधियों को संचालित
करना ।

30. शासन एवं भारत सरकार/ सार्वजनिक उपक्रम / अर्द्धशासकीय / अशासकीय / विदेशी सहायता द्वारा जनहित में संचालित सभी योजनाओं का प्रचार प्रसार / संचालन एवं भागीदारी करना ।

31. कैंसर, कुष्ठ रोग, एड्स, टी.बी., कुपोषण, नशाखोरी के विरुद्ध जनजागृति व परिवार कल्याण कार्यक्रम का प्रचार प्रसार एवं निःशुल्क स्वास्थ्य संबंधी शिविर आयोजित करना ।